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आà¤à¤–ों की सूजन (फूली आà¤à¤–ें): आà¤à¤–ों के नीचे की सूजन से छà¥à¤Ÿà¤•ारा कैसे पाà¤à¤
आà¤à¤–ों की सूजन और आà¤à¤–ों के नीचे के काले घेरे कई कारणों से होते हैं, जिनमें चेहरे की वंशानà¥à¤—त विशेषताà¤à¤, à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤, तनाव, आà¤à¤–ों की थकान और वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ विशेष की तà¥à¤µà¤šà¤¾ की विशेषताà¤à¤, जैसे उसकी सतही बनावट, शामिल हैं।
हालांकि कà¥à¤› घरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–े, जैसे खीरे के आरामदेह सà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸ आà¤à¤–ों की सूजन से असà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ राहत दे सकते हैं, पर यदि आपको अधिक दीरà¥à¤˜à¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ समाधान चाहिठतो आपको समसà¥à¤¯à¤¾ का मूल कारण जानना होगा।
आà¤à¤–ों की सूजन कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होती है?
आà¤à¤–ों के इरà¥à¤¦-गिरà¥à¤¦ साधारण सूजन का यह अरà¥à¤¥ है कि आस-पास की तà¥à¤µà¤šà¤¾ के ऊतक में तरल पदारà¥à¤¥ अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में इकटà¥à¤ ा हो गठहैं, जिसे à¤à¤¡à¥€à¤®à¤¾ कहते हैं। चूंकि आà¤à¤–ों के इरà¥à¤¦-गिरà¥à¤¦ की तà¥à¤µà¤šà¤¾ शरीर में सबसे पतली होती है, अतः यहाठआने वाली सूजन और बेरंगता काफ़ी साफ दिख जाती है।
पर तरल पदारà¥à¤¥ इकटà¥à¤ ा होकर आà¤à¤–ों की सूजन पैदा करते ही कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ हैं?
आà¤à¤–ों की सूजन आमतौर पर कई कारणों से होती है, जैसे:
नमक का अधिक सेवन, जिसके कारण तरल पदारà¥à¤¥ इकटà¥à¤ ा होने लगते हैं
शोथ और सूजन उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करने वाली à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤
साइनस की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤
निरà¥à¤œà¤²à¥€à¤•रण (पानी की कमी)
थकान और नींद की कमी
तनाव
रोना
बढ़ती आयà¥
चेहरे की वंशानà¥à¤—त विशेषताà¤à¤
हालांकि अंतिम उतà¥à¤¤à¤° बहà¥à¤¤ संतोषजनक नहीं है, पर यह सच है कि कई लोगों की आà¤à¤–ें सिरà¥à¤«à¤¼ इसलिठसूजी दिखती हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह लकà¥à¤·à¤£ उनके परिवार में पीढ़ियों से चल रहा होता है।
आयॠबढ़ने के साथ, आà¤à¤–ों की सूजन आंशिक रूप से तब à¤à¥€ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो सकती है जब आà¤à¤–ों के हडà¥à¤¡à¥€à¤®à¤¯ कोटर के अंदर आà¤à¤–ों की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ करने वाला वसा ऊतक आà¤à¤– को आगे की ओर धकेलने लगता है और आà¤à¤– के नीचे मौजूद सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ को à¤à¤° देता है।
à¤à¤¸à¤¾ इसलिठहोता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि आयॠबढ़ने के साथ वह à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ या "सेपà¥à¤Ÿà¤®" पतली होता जाता है जो ऊपरी और निचली, दोनों पलकों में वसा को थामे रखता है। इस à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ के पतली हो जाने पर, वसा नीचे उतरने लगता है और आगे की ओर बल लगाने लगता है। à¤à¤¸à¤¾ होने पर आà¤à¤– के नीचे बैग या उà¤à¤¾à¤° बनने लगते हैं।
सà¥à¤¬à¤¹-सà¥à¤¬à¤¹ आà¤à¤–ें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ सूजी होती हैं?
सोने के दौरान हम पलकें नहीं à¤à¤ªà¤•ाते हैं। और आंशिक रूप से इस कारण के चलते आà¤à¤–ों के नीचे सूजन आ जाती है।
आà¤à¤–ों के नीचे सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ या नींद कम के वà¤à¥‡ से काले घेरे आ सखà¥à¤¤à¥‡ हैं
पलकों के लिठà¤à¤ªà¤•ना कà¥à¤› à¤à¤¸à¤¾ ही है जैसे पैरों के लिठचलना। निषà¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯ रहने पर कà¥à¤› लोगों के पैरों में सूजन आ जाती है, और जैसे ही वे चलना शà¥à¤°à¥‚ करते हैं तो उनके पैरों की पेशियां इकटà¥à¤ ा हो गठतरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ (à¤à¤¡à¥€à¤®à¤¾) को "दà¥à¤¹à¤•र" उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ वापस परिसंचरण में पहà¥à¤à¤šà¤¾ देती हैं, जिससे वह सूजन चली जाती है।
à¤à¤¸à¥€ ही कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पलकों में à¤à¥€ होती है। नींद के दौरान पलकें बंद रहती हैं और à¤à¤ªà¤•ती नहीं हैं, इससे कà¥à¤› लोगों, जिनमें यह समसà¥à¤¯à¤¾ आम है, की पलकें सूज जाती हैं। इसलिठजब वे सà¥à¤¬à¤¹ उठते हैं तो उनकी पलकें असामानà¥à¤¯ रूप से फूली और सूजी हà¥à¤ˆ होती हैं। जब आप अपनी आà¤à¤–ें खोलते हैं और पलकों को à¤à¤ªà¤•ाना शà¥à¤°à¥‚ करते हैं, तो इस सूजन का कà¥à¤› हिसà¥à¤¸à¤¾ लगà¤à¤— घंटे à¤à¤° में गायब हो जाता है।
कà¥à¤¯à¤¾ आà¤à¤–ों की सूजन किसी चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ अवसà¥à¤¥à¤¾ का संकेत है?
जब आà¤à¤–ों की सूजन अनपेकà¥à¤·à¤¿à¤¤ रूप से हो, तो कà¤à¥€-कà¤à¥€ वह किसी अंतरà¥à¤¨à¤¿à¤¹à¤¿à¤¤ चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ आवसà¥à¤¥à¤¾ का संकेत होती है।
उदाहरण के लिà¤, थायरॉइड नेतà¥à¤° रोग से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ लोगों में आà¤à¤–ों के इरà¥à¤¦-गिरà¥à¤¦ के ऊतकों और पेशियों में सूजन आ सकती है। साथ ही, बाहर को निकली आà¤à¤–ें गà¥à¤°à¥‡à¤µà¥à¤¸ रोग नामक à¤à¤• थायरॉइड विकार का संकेत हो सकती हैं।
मौसमी/परागज जà¥à¤µà¤° (हे फ़ीवर) आदि अवसà¥à¤¥à¤¾à¤“ं से संबंधित नेतà¥à¤° à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤ à¤à¥€ आà¤à¤–ों में सूजन पैदा कर सकती हैं। अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•ार की à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤, जैसे कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ या रसायनों के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤, à¤à¥€ पलकों में सूजन पैदा कर सकती हैं।
à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के दौरान शरीर की कà¥à¤› कोशिकाà¤à¤ हिसà¥à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¿à¤¨ नामक रसायन उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करती हैं जो शरीर के ऊतकों पर कई पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ूल पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डालता है, जैसे रकà¥à¤¤ वाहिकाओं से तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का रिसाव। ये तरल पदारà¥à¤¥ आस-पास के ऊतकों में फंस जाते हैं, जिससे à¤à¤¡à¥€à¤®à¤¾ (तरल पदारà¥à¤¥ à¤à¤•तà¥à¤°à¤£ के कारण सूजन) उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो जाता है।
आपकी आà¤à¤–ों में किसी पà¥à¤°à¤•ार का संकà¥à¤°à¤®à¤£, जैसे कंजंकà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸, होने पर à¤à¥€ पलकें फूल व सूज सकती हैं और आà¤à¤–ों के नीचे काले घेरे बन सकते हैं।आà¤à¤–ों की यह सूजन आà¤à¤–ों के संकà¥à¤°à¤®à¤£ से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ शोथ के कारण होती है जो पास मौजूद पलकों को सीधे तौर पर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। साथ ही, आà¤à¤–ों में ख़à¥à¤¶à¥à¤•ी से à¤à¥€ आà¤à¤–ों के फूलने व सूजने की समसà¥à¤¯à¤¾ पैदा हो सकती है।
दैहिक रोग, जिनमें गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‹à¤‚ की विफलता शामिल है, आà¤à¤–ों के इरà¥à¤¦-गिरà¥à¤¦ समेत पूरे शरीर में सूजन पैदा कर सकते हैं।
आà¤à¤–ों की सूजन के कà¥à¤› उपचार कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
आà¤à¤–ों की सूजन और काले घेरों का सरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤® समाधान ढूंढने के लिठमूल कारण की पहचान करना ज़रूरी है।
यदि आपकी माता या पिता की आà¤à¤–ें फूली या सूजी रहती हैं, तो हो सकता है कि आपको यह गà¥à¤£ उनà¥à¤¹à¥€à¤‚ से मिला हो। इस मामले में, आप फà¥à¤²à¤¾à¤µ या सूजन घटाने के लिठकॉसà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• सरà¥à¤œà¤°à¥€ पर विचार कर सकते हैं।
आयॠबढ़ने के कारण आà¤à¤– सूजने के लिठà¤à¥€ संà¤à¤µà¤¤à¤ƒ कॉसà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• समाधान ही आवशà¥à¤¯à¤• होगा।
आप अपनी पलकों से संबंधित चिंताओं के हल के लिठउपलबà¥à¤§ विकलà¥à¤ªà¥‹à¤‚ पर अपने ऑपà¥à¤Ÿà¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤¨ या किसी कॉसà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• सरà¥à¤œà¤¨ से चरà¥à¤šà¤¾ कर सकते हैं। इन विकलà¥à¤ªà¥‹à¤‚ में केमिकल पील, लेज़र सà¥à¤•िन रीसरफ़ेसिंग कारà¥à¤¯à¤µà¤¿à¤§à¤¿à¤¯à¤¾à¤, कà¥à¤› पà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤ªà¥à¤¶à¤¨ तà¥à¤µà¤šà¤¾ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦, और बà¥à¤²à¥‡à¤«à¥ˆà¤°à¥‹à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥€ यानी पलकों की सरà¥à¤œà¤°à¥€ शामिल हैं।
बà¥à¤²à¥‡à¤«à¥ˆà¤°à¥‹à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥€ में ऊपर और नीचे की पलकों से अतिरिकà¥à¤¤ वसा ऊतक और तà¥à¤µà¤šà¤¾ के आधिकà¥à¤¯ को हटा दिया जाता है और तà¥à¤µà¤šà¤¾ व पेशियों को कसा जाता है ताकि सूजन/फà¥à¤²à¤¾à¤µ और à¤à¥à¤°à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ घट जाà¤à¤‚।
कई असà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ नà¥à¤¸à¥à¤–े आà¤à¤–ों के इरà¥à¤¦-गिरà¥à¤¦ की सूजन घटाने में मदद कर सकते हैं, जैसे:
à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के कारण होने वाली जलन व खà¥à¤œà¤²à¥€ में राहत देने वाले आई डà¥à¤°à¥‰à¤ªà¥à¤¸ का उपयोग, यदि उपयà¥à¤•à¥à¤¤ हो तो
पानी की कमी से बचने के लिठà¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में तरल पदारà¥à¤¥ पीना
पलकें सूजने पर बरà¥à¤«à¤¼ से सेंकना
बंद आà¤à¤–ों के ऊपर खीरे के सà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸ या बरà¥à¤«à¤¼ जितने ठंडे टी बैगà¥à¤¸ रखना
विशेष रूप से आà¤à¤–ों के इरà¥à¤¦-गिरà¥à¤¦ उपयोग के लिठबनाई गईं कà¥à¤°à¥€à¤®à¥à¤¸ और अनà¥à¤¯ तà¥à¤µà¤šà¤¾ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ का उपयोग करना
अपने आहार में नमक घटाना
अपने शरीर से अतिरिकà¥à¤¤ तरल पदारà¥à¤¥ बाहर निकालने के लिठपोटेशियम की अधिक मातà¥à¤°à¤¾ वाले खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ खाना, जैसे केले
अपने चेहरे और आà¤à¤–ों पर ठंडा पानी डालना
परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नींद और विशà¥à¤°à¤¾à¤® लेना
पलकों की सूजन घटाने में पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— होने वाली कà¥à¤°à¥€à¤®à¥‹à¤‚ और मरहमों में पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤ƒ फेनिलà¤à¤«à¥à¤°à¤¿à¤¨ होती है — यह दवा रकà¥à¤¤ वाहिकाओं को संकà¥à¤šà¤¿à¤¤ करके उनका वà¥à¤¯à¤¾à¤¸ घटा देती है। इससे सूजी हà¥à¤ˆ पलकों पर संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ रूप से दोहरा पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ हो सकता है।
पहला, यदि पलकों की पतली तà¥à¤µà¤šà¤¾ के नीचे मौजूद रकà¥à¤¤ वाहिकाओं के जाल के दिखने के कारण काले घेरे दिखते हैं, तो वाहिकाओं को संकà¥à¤šà¤¿à¤¤ करने से कालापन घट सकता है।
दूसरा, रकà¥à¤¤ वाहिकाओं को संकà¥à¤šà¤¿à¤¤ करने से उनके अंदर से होने वाले तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के रिसाव की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ घट सकती है, और इससे सूजन में कमी आ सकती है।
हालांकि, इन उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ को अपनी आà¤à¤–ों के इरà¥à¤¦-गिरà¥à¤¦ लगाते समय सावधान रहें। यदि ग़लती से वे आà¤à¤– में लग गà¤, तो आपको à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° शोथकारी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का सामना करना पड़ सकता है जिसे केमिकल कंजंकà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ कहते हैं। यदि à¤à¤¸à¤¾ हो, तो तà¥à¤°à¤‚त अपने ऑपà¥à¤Ÿà¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤¨ या डॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखाà¤à¤à¥¤
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